मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
लिख दूँ या रहने दूँ ?
कह दूँ या सहने दूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
चीखूँ या मूक रहूँ ?
बाग़ी बनूँ या ढोंग रचता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
इतिहास बनूँ या सिर्फ रटता रहूँ ?
कुछ करूँ या सिर्फ तकता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
खोलूँ आँखें या आँखें मूंदे चलता रहूँ ?
करूँ कोशिश जीने की,या मरते हुए जीता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
ज़हर भरे जाम,फेंकूं,या होठों से लगाये पीता रहूँ ?
बनूँ जो बनना है,या किसी का अक्स बनता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
लूँ एक मासूम किलकारी फिर से,या एक लाश ढोता रहूँ ?
जागूँ और देखूँ फिर से ,या सिर्फ यूहीं सोता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ।।
लिख दूँ या रहने दूँ ?
कह दूँ या सहने दूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
चीखूँ या मूक रहूँ ?
बाग़ी बनूँ या ढोंग रचता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
कुछ करूँ या सिर्फ तकता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
करूँ कोशिश जीने की,या मरते हुए जीता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
बनूँ जो बनना है,या किसी का अक्स बनता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
जागूँ और देखूँ फिर से ,या सिर्फ यूहीं सोता रहूँ ?
मैं मैं कहाँ,मैं तो तुम सा हूँ ,
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ,
स्तब्द्ध हो निहारता एकटक,मैं पूर्णतः सुन्न सा हूँ!
मैं फिर कश्मकश में गुम सा हूँ ।।
I really appreciate your writing. It shows dark side of the world. Absolutely amazing writing. Thanks for sharing them with me.
ReplyDeleteI really appreciate your writing. It shows dark side of the world. Absolutely amazing writing. Thanks for sharing them with me.
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